ऋषि-मुनियों का बताया यह प्राचीन नुस्खा नामर्दों को भी बना देता है मर्द

Posted on March 31st, 2020 08:02 PM


पुराने जमाने में राजा महाराजाओं की 20 से लेकर 120 तक रानियां हुआ करती थी. इतनी रानियां होने के बाद भी राजा अपनी हर रानी के साथ सम्भोग कर लेता था. अब सोचिए इतनी सारी रानियों के साथ सम्भोग कर पाना कैसे संभव था? तो आपको बता दें कि प्राचीनकाल में ऋषि मुनियों ने कई तरह के संजीवनी जड़ी बूटियों के द्वारा सम्भोग के समय के बढ़ने के और मर्दो के मर्दाना शक्ति को और उनकी सम्भोग करने की शक्ति को बढ़ने के लिए कई प्रकार की जड़ी बूटियों का प्रयोग किया करते थे जिससे उनकी सम्भोग करने की शक्ति कम नहीं होती थी और वे अपनी रानियों से लगातार कई घंटों तक सम्भोग की क्रिया को करते रहते थे.

इतना ही नहीं बल्कि पुरुष अपने पुरषार्थ को बढ़ाने के लिए भी इन्ही जड़ी बूटियों का उपयोग करते है.यदि आप भी सम्भोग के द्वारा जल्दी ही ढीले पड़ जाते है और आप भी अपनी बीबी को आपकी रानी को ठीक तरह से सम्भोग का मज़ा नहीं दे पाते है या फिर आपको भी लगता है आपका वीर्य जल्दी ही निकल जाता है और इस वजह से आप लम्बी समय तक सम्भोग नहीं कर पाते है. तो शर्माना छोड़ दीजिये क्योंकि आयुर्वेद और प्राचीन ऋषि मुनियों के द्वारा बताएं जड़ी-बूटियों के द्वारा अपनी मर्दानगी को बढ़ा सकते हैं.

शारीरिक ताकत बढ़ाने के उपाय


इस रहस्मय मिश्रण को बनाने के लिए आपको इस मात्रा में इन जड़ी बूटियों को लेना है जो नीचे लिखी हुयी है.

मूसली सफेद -35ग्राम.
मूसली काली -55ग्राम,
बहमन लाल -37ग्राम,
बहमन सफेद -37ग्राम,
सालम पंजा -५२ग्राम,
सालम मिश्री -32ग्राम,
शुद्ध कौंच बीज -35ग्राम,
बीज बंद -45ग्राम
पीला सतावर -32ग्राम,
अस्वगंधा -30ग्राम,
उंटंगन, बीज -25ग्राम,
सालम गत्ता -20ग्राम,
रूमी मस्तगी - 25ग्राम,
अकरकरा -25ग्राम,
सिंघाड़ा गिरी -25ग्राम,
विधारी कंद -35 ग्राम
जायफल -35ग्राम,
दालचीनी -35ग्राम,
लौंग -35ग्राम
जाफरन -27 ग्राम
रस सिंदूर -लगभग 32ग्राम
शुद्ध शिलाजीत -60 ग्राम
बंग भस्म -40 ग्राम
मोती भस्म -25ग्राम
स्वर्ण भस्म एवं मासेप्रवाल पिष्टी -40ग्राम
सिध्मकरद्धवज -20 ग्राम
लौह भस्मसहस्त्रपुस्तति -30ग्राम
अब्रक भस्म सहस्स्त्रपुस्तति -30ग्राम,
उड़द की देसी घी में भुनी हुई दाल -175ग्राम


इन सबको दी गई मात्रा में लेना और इन बूटियों व सभी औषधियों को धुप में सुखा लेना.इन सबके सुख जाने फिर इस इनका पीसकर एक अच्छा चूर्ण बन लें.जब ये चूर्ण बन कर पूरी तरह से तैयार हो जाए तो इस चूर्ण को बढ़िया तारीखे से साफ़ करके इसे छान लेना है और फिर इस चूर्ण रोज सुबह खाने से पहले और रात्रि के भोजन के बाद में इस चूर्ण का प्रयोग दूध के साथ करें और जब ये चूर्ण बन कर तैयार हो जाए तो उस चूर्ण का इस्तेमाल गर्म दूध के साथ मिलाकर सेवन करना है.

यह बहुत ही आसान और कारगर उपाय है. इस चमत्कारी रहस्य को जाने के बाद यदि आप इसका सेवन करते हो तो आपके कई सारे शरीर से सम्बंधित लाभ होंगे जिससे आपका मर्दाना शक्ति भी बढ़ जाएगी और इसके प्रयोग से आपको कई लाभ होंगे जैसे की इस दवा से मर्दाना कमजोरी,शीघ्रपतन,शुक्राणु की कमी, लिंग का टेढापन, संभोग की इच्छा न करना वीर्य का जल्दी निकल जाना, हस्तमैथुन की वजह से, सुस्ती, इन्द्रिय का शिथिल न हो पाना, लंबे समय तक, व वृद्ध अवस्था को रोकने इत्यादि में बहुत ही ज्यादा लाभकारी है.

×

Your Shopping Bag


Your shopping cart is empty.